लम याति नज़ीरूक फी नज़रिन मिसले तु ना शुद पैदा जाना

लम याति नज़ीरूक फी नज़रिन मिसले तु ना शुद पैदा जाना

जगराज को ताज तोरे सर सोहे तुझ को शहे दोसरा जाना

अलवहरु अ़ला वलमौजु तग़ा मन बे कसो तूफाँ होशरुबा

मझधार मे हूँ बिगड़ी है हवा मोरी नय्या पार लगा जाना

या शमसु नज़रति इला लैली चूँ बतैबा रसी अर्जे बुकुनी

तोरी जोत की झल झल जग में रची मेरी शब ने न दिन होना जाना

लक बदरुन फि़ल् वजहिल अज्मल ख़त हालए मह ज़ुल्फ अबरे अजल

तोरे चन्दन चन्द्र परो कुण्डल रहमत की भरन बरसा जाना

अना फ़ी अ़ तशिंव् व सख़ाक अतम् ऐ गेसुए पाक ऐ अबरे करम

बरसन हारे रिमझिम रिमझिम दो बूंद इधर भी गिरा जाना

या क़ाफि़ लती ज़ीदी अ जलक रहमे बर ह़सरते तश्ना लबक

मोरा जियरा लरजे दरक दरक तैबा से अभी न सुना जाना

अलक़ल्बु शजिंव वलहम्मू शुज़ूं दिल ज़ार चुनां जाँ ज़ेरे चुनूँ

पत अपनी बिपत मैं कासे कहूँ मेरा कौन है तेरे सिवा जाना

अर्रुहु फ़िदा क फाज़िद् हर्का यक शोला दिगर बरज़न इश्क़ा

मोरा तन मन धन सब फूंक दिया यह जान भी प्यारे जला जाना

बस ख़ामए ख़ामे नवाए रज़ा न यह तर्ज़ मेरी न यह रंग मेरा

इरशादे अहिब्बा नातिक़ था नाचार इस राह पड़ा जाना
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